पत्रकारिता और अपराध
गौतम बुध नगर में पत्रकारिता के नाम पर शराब ठेकों से अवैध वसूली बड़ा खेल
पत्रकारों का बड़ा गिरोह जिन्हें कई अखबारों और सेटलाइट टीवी चैनल का भी संरक्षण

गौतम बुध नगर में पत्रकारिता के नाम पर शराब ठेकों से अवैध वसूली बड़ा खेल
पत्रकारों का बड़ा गिरोह जिन्हें कई अखबारों और सेटलाइट टीवी चैनल का भी संरक्षण
शराब ठेकों के संचालक हो जाएं सावधान
सुप्रीम न्यूज़ सह संपादक, राजा मौर्या
[ नोएडा] उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर नोएडा को मीडिया का हब माना जाता है, देश के छोटे-बड़े टीवी चैनलों, प्रिंट मीडिया संस्थानों के स्टूडियो और दफ्तर नोएडा शहर में देखने को आपको मिल जाएंगे। जिसके चलते दिल्ली एनसीआर में पत्रकारिता की आड़ में अपराधी किस्म के शातिर ठग गैंग ने अपना मकड़ जाल बना रखा है। पत्रकारिता की आड़ में ठगों और अपराधियों ने ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया है। ये लोग नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर और आस-पास के जनपद में x ट्वीटर के माध्यम से शराब ठेकों पर अनियमितताओं की शिकायतें करते व अपनी जान पहचान के लोगों से करवातें हैं। जैसे ही आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा ऐसी शिकायतों का संज्ञान लिया जाता है। वैसे ही इस गिरोह के मुख्य लोग शिकायत के ट्वीट को डिलीट कराने के लिए शराब ठेकों से जुड़े लोगों से सौदा करने में जुट जाते हैं। जिनके खिलाफ शिकायत की जाती है वे आबकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई से बचने के लिए मध्यस्थता करने वाले लोगों को मुंह मांगा पैसा देने को मजबूर हो जाते हैं। आबकारी विभाग के सख्त कानून और भारी भरकम दंड व जुर्माना इस गैंग के लिए सोने पर सुहागे का काम करता है।
ब्लैकमेलरों का यह गिरोह एक बार फिर सक्रिय हो गया है जानकारी के मुताबिक पता चला है, कि पत्रकारिता का चोला पहनकर शातिर ठग गैंग इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम दे रहा है। शातिर ठग पहले तो रात दिन गैंग बनाकर शराब ठेकों पर अनियमितताओं को खोजने में लगे रहते हैं। अगर किसी भी प्रकार की अनियमिताएं शराब ठेकों पर कहीं मिल जाए तो शराब दुकानों की विभाग में शिकायत करने के नाम पर शराब कंपनियों और शराब ठेकों के मालिकों पर दबाव बनाकर अवैध वसूली करने में कामयाब हो जाते हैं। यह गिरोह इतना शातिर है कि गिरोह के सदस्यों ने पिछले कई वर्षों पुरानी हज़ारों वीडियो सुरक्षित रखी हुई हैं। जिन्हें एडिट कर शातिर ब्लैकमेलरों का यह गिरोह इस प्रकार एडिट कर व्हाट्सएप और सोशल मीडिया x अकाउंट पर वायरल करते हैं साथ ही गिरोह के सदस्यों द्वारा आई जी आर एस आदि पर भी शिकायतें की जातीं हैं। फिर अवैध वसूली के लिए कुछ अखबारों व सेटेलाइट चैनलों से जुड़े पत्रकार मध्यस्थता करने का काम करते हैं। जिनके बारे में पुलिस व आबकारी विभाग के अधिकारियों को भी स्पष्ट पता है। लेकिन कानूनी प्रक्रिया से बंधे होने व बड़े टीवी चैनलों और अखबारों से जुड़े हुए पत्रकारों के कारण इस गिरोह पर कानूनी शिकंजा कसने में कुछ अड़चनें आ रही हैं।
गिरोह के सदस्यों द्वारा ट्विटर पर विभिन्न नामों से टीवी या डिजिटल चैनल का नाम रख लिया जाता है। जिसके नाम से वास्तव में कोई भी मीडिया संस्थान धरातल पर नहीं होता। इन्हीं के द्वारा किए गए शिकायती ट्वीटों को आधार बनाकर कुछ अखबारों और सेटलाइट टीवी चैनलों के पत्रकार पैसे ना मिलने पर अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए अपने अखबारों और सेटलाइट टीवी चैनलों पर ख़बरें प्रसारित करने लगते हैं।
आपको बता दें कि यह शातिर ट्वीट डिलीट गैंग शराब ठेकों के संचालकों को आबकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा शिकायतों पर की जाने वाली कार्रवाई का भय दिखाकर ब्लैकमेल कर अवैध वसूली करने में कामयाब हो जाते हैं। गौतम बुध नगर शहर एवं एनसीआर की जनता और शराब ठेकों के लिए ऐसे कथित ट्वीट डिलीट गैंग से सावधान रहना चाहिए। ऐसे लोग के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करनी चाहिए। पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों को इस गिरोह के सदस्यों की कारगुजारियों से अवगत कराना चाहिए।
वैसे इस गैंग का मकड़जाल इतना बड़ा है कि यह गैंग बड़े से बड़े अधिकारी को टारगेट कर देता है। इसलिए गौतम बुध नगर की पुलिस कमिश्नर एवं उच्च अधिकारियों के लिए पत्रकारिता की आड़ में चल रहे ऐसे शातिर ठग गैंग पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
यह ट्वीट डिलीट गैंग एक अकाउंट में प्रोफाइल फोटो को चेंज करके और नाम बदलकर कई बार फर्जी शिकायत कर ठगी करने का कार्य करते रहते हैं और आईजीआरएस का दुरुपयोग कर सैकड़ो की तादात में शराब ठेकों के मालिकों पर अवैध वसूली का दवाव बनाने के लिए सैकड़ो की तादात में फर्जी झूंटी आइजीआरएस लगाते रहते हैं ।
इस शातिर ठग गैंग के सदस्य इतने शातिर है कि जनता के लिए ठगी का शिकार बनाने व उनसे लूट खसूट करने के लिए सत्ताधारी पार्टी के नेताओं मंत्रियों एवं पुलिस के उच्च अधिकारियों के साथ फोटो शूट करा कर जनता के लोगों को ठगी का शिकार बनाने में कामयाब हो जाते हैं।

शराब ठेकों पर सेल्समैनों और ठेका संचालन से जुड़े लोगों के साथ हो रही ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली के बारे में आबकारी अधिकारी गौतमबुद्धनगर सुबोध कुमार श्रीवास्तव से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि हमारे द्वारा इस संबंध में अपने उच्च अधिकारियों को जानकारी दी गई है। जल्द ही उच्च अधिकारियों के निर्देश अनुसार कदम उठाए जाएंगे। किसी भी सेल्समैन या फिर किसी सरकारी शराब ठेकों से जुड़े लोगों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा।*
पूर्व में गाजियाबाद के आबकारी अधिकारी संजय सिंह ने ब्लैकमेलरों के इस गिरोह को अच्छी तरह से खदेड़ दिया था। जिसके बाद अब यह गिरोह गौतमबुद्धनगर में अपने पैर पसार रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या उत्तर प्रदेश सरकार के कमिश्नरेट पुलिस के उच्च अधिकारी इस प्रकार के शातिर ठग गैंग पर कार्रवाई कर पाएंगे या नहीं ?

